(वर्ल्ड डायबिटीज डे 14 नवंबर) डायबिटीज के बारे में कुछ रोचक तथ्य

मधुमेह की समस्या देश दुनिया की बड़ी समस्या मानी जा रही है। पहले से शहरी क्षेत्रों की बीमारी मानते थे तो आप ग्रामीण इलाकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके दो प्रमुख कारण माने जाते हैं पहला जेनेटिक और दूसरा मेडी फाइबल ट्रेक्टर जेनेटिक फैक्टर बदला नहीं जा सकता है। मॉडिफाइड फैक्टर का आशय है जीवनशैली व खान-पान में बदलाव लाकर डायबिटीज से बचाव व राहत।


प्रमुख लक्षण


डायबिटीज के प्रमुख लक्षण में अधिक भूख एवं प्यास लगना। बार बार यूरिन और ज्यादा आना वजन में कमी शरीर में खुजली कमजोरी व थकान रहना पिंडलियों में दर्द बैठा आना। बार-बार संक्रमण होना यह देरी से घाव भरना। हाथ पैरों में झनझनाहट सुन्नपन यह जलन और नपुंसकता आदि। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि यह सारे लक्षण एक ही रोगी में पाए जाए। कभी-कभी बिना किसी लक्षण के भी जांच होने पर इसकी बीमारी का पता चलता है। अगर बीमारी की जांच शुरुआती स्टेज में कराते हैं तो लिखते हैं


 


 


डायबिटीज को लेकर बोलचाल सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर कई तरह की खबरें आती हैं जो भ्रम पैदा करती है। जैसे इतने दिन में मर्जी चला जाएगा परिवार में किसी को है तो सबको हो जाएगा आदि। जानते हैं ऐसे ही कुछ भ्रम और उनसे जुड़ी सच्चाई


  तो आइए जानते हैं डायबिटीज से जुड़े हुए कुछ मिथ और सच्चाई


क्या डायबिटीज एक संक्रामक रोग है?


जी नहीं डायबिटीज हार्मोन की बीमारी है। यह एक से दूसरे व्यक्ति में इन्फेक्शन की तरह नहीं फैलती है। यह रोग जेनेटिक या खराब लाइफस्टाइल से होता है।


दुबले पतले लोगों को डायबिटीज नहीं होती है?


दुबले पतले लोगों को भी हो सकती है डायबिटीज लेकिन मोटे लोगों की तुलना की अपेक्षा कम रहती है। शरीर में कई तरह के फ्लैट हैं अंगों के पेट से भी डायबिटीज हो सकती है।


, क्या शुगर कंट्रोल होने के बाद दवा छोड़ सकते हैं?


शुगर कंट्रोल होने के बाद भी दवा को नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि इसमें ग्लूकोस लेवल घटने बढ़ने का खतरा रहता है एवं शरीर के मुख्य अंगों को नुकसान होता है और यदि आप छोड़ना ही चाहते हैं तो बीच-बीच में चेकअप करवाते रहें एवं अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहे बिना सलाह के कोई भी निर्णय ना  ले।


इंसुलिन लेने से इसकी लत लग जाती है?


ऐसा नहीं है कि इंसुलिन लेने से इसकी लत लग जाती है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन कोई नशीला पदार्थ नहीं है जिसकी लत पड़ जाएगी। अधिक शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। एवं इंसुलिन हमेशा डॉक्टरी सलाह पर ही लें।


डॉक्टर के बिना परामर्श के ही शुगर की दवा ले सकते हैं?


हर व्यक्ति के भजन डायबिटीज के प्रकार रोग कितना पुराना है गुर्दे की स्थिति आदि कई बातों को ध्यान में रखकर दबाता है कि जाती है। 2 डायबिटीज रोगी को एक जैसी दवा नहीं जीती जाती है एवं अपने से दवा ना ले